तुम संकल्प ले, भगीरथ बने
तो आ गयी गंगा धरा पे I
तुम संकल्प ले साधक बने
तो शास्र रचना हो सकी I
तुम संकल्प ले, शक्ति बने
तो आ गयी शांति धरा पे I
तुम संकल्प ले उत्सुक बने,
तो विज्ञान विकसित हो सका I
तुम भावमय प्रमुदित हुए,
तो प्रेम दीपक जल सका I
तुम कृष्ण की रचना सहज,
मानव तुम्हीं हो #शक्तिमान