मैं उत्तरों से भरा हूँ
और,
और तुम प्रश्नों से,
ऐसा तुम समझती हो,
दरअसल,
अब मेरे पास प्रश्न नहीं,
कंगाल हो चुका प्रश्नों से मैं,
एक भी नहीं,
उत्तर ही उत्तर हूँ मैं,
यह समझ लो,
सुनो,
यदि मुझसे जुड़ जाओ,
तुम भी,
तो सिर्फ़ "उत्तर" ही रह जाओगी....!!
करुनेश कंचन