लाख करो जतन इनायत हो ही जाती है
होनी है जिससे महोब्बत हो ही जाती है
मिलते है बिछड़ते है, रोज राहो मे कितने
लेकिन जगह बनाई इस निगाहों मे जिसने
वो नजर हँसी सपने मन मे बो ही जाती है
होनी है जिससे महोब्बत हो ही जाती है
छोटा सा मासूम दिल, जो सीने मे बंद है
कुछ एहसास नही होता कबसे रजामंद है
बढ़ते बढ़ते आखिर धड़कन खो ही जाती है
होनी है जिससे महोब्बत हो ही जाती है
Sagar...✍️