करते हो क्या बात #स्वयं ,
कभी #स्वयं से ?
अपनी पीड़ा, अपना दुख
क्या कहते हो,
कभी #स्वयं से?
अपनी उलझन सुलझाने को,
क्या उलझे हो,
कभी #स्वयं से?
साथ सत्य का पाने को,
क्या झांके को,
कभी #स्वयं में?
एक शांत सी संध्या पाने,
क्या ठहरे हो,
कभी स्वयं में?
बाहर बाहर घूमा करते,
क्या मिलते हो,
कभी #स्वयं से?
बैठो, ठहरो, बात करो,
जानो समझो,
कभी स्वयं को।
स्नेह करो, प्रतिकार करो,
और जीवित रखो,
सदा #स्वयं को।
#स्वयं = #खुद = #Myself यद्यपि पूर्णतः समानार्थी नहीं हैं। क्षीण सा अंतर है किंतु प्रयुक्त हो सकते हैं समानार्थी की तरह 🙏🙏🙏