चल निभाते है रिश्ते
यकीन से भरोसे की
चूकाते है किश्ते
चल निभाते है रिश्ते
एकदिन मे कईबार ऐ टूटता बनता है
लेकिन भरोसेपे ही जमाना चलता है
कईबार मंजिल एक
पर अलग होते है रस्ते
चल निभाते है रिश्ते
आखरी बूंद हो या आखरी हो सांस
मुझमे तेरा तुझमे बस मेरा हो एहसास
मर जाउ मै तो जान
तेरी भी जाए हँसते-हँसते
चल निभाते है रिश्ते
यकीन से भरोसे की
चूकाते है किश्ते
चल निभाते है रिश्ते
Sagar...✍️