मिल गई
वो लड़की आज मिल गई
जिसके मिलते ही ऐसा लगा
जैसे दुनिया बदल गई
क्या कहूँ उसके बारे मे
है एक चाँद सितारों मे
उसके जैसी कोई कली
ना खिली इन बहारो मे
जिसके खिलते ही ऐसा लगा
जैसे बहार खिल गई
आँखे है ऐसी सुंदर
जैसे गहरा समंदर
जो डूबा उन आंखोमें
आया ना फिर उभरकर
आँखे मिलते ही ऐसा लगा
जैसे किस्मत सवर गई
अब तो यंही है आशा
वो चाहे मुझको जरासा
बेचैन इस धड़कन को
मिल जाए कुछ तो दिलासा
दिल धड़कते ही ऐसा लगा
जैसे तबियत मचल गई
Sagar...✍️