भूख या प्यास
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भूख से बिलबिलाने वाली,
हर पल गरीबी का रोना रोने वाली
2 महीने की तनख्वाह एडवांस में लेकर जाने वाली के पति,
बेचारे 4 घण्टे कड़ी धूप में खड़े रहे थे तब जाकर मयखाने के दर्शन हुए।
एक साथ 6 बोतल लेकर खुशी खुशी घर आये।
दो घूंट पीते ही मुफ्त में बटने वाले खाने की लाइन में खड़े मिले।
उफ्फ ये गरीबी, जो दारू देती है रोटी और दवा नही।
विनय...दिल से बस यूँ ही