तू चली जाएगी मुझे पता तो था,
तेरी याद को कदर नहीं मेरी ,
तू वापिस लौट आ , या तेरी यादे लेजा।
में थक गया ही जमाने भर से,
सच से ज्यादा तेरा जुथ अच्छा लगता था।
पर जमाने में जूठ ही सच लगता है।
तू आ और मिल मुझसे कहीं,
रुक सा गया हूं थम सा गया हूं।
मेरी दिल्लगी का न्याय दे मुझे
❣️PYAR KA EK AHESHASH ❣️