दूल्हा बड़ा सयाना था।
पर दूल्हन का जमाना था।
बिन घोडी का नाच नचाये।
दूल्हन चली घुंघट निकाले।
कहे ब्याह तुझसे जे करिये।
मर्जी मारी घर में चलीये।
तू भी जान ले बात मेरी।
खुब चलेगी दोस्ती यारी।
कोई किसी के आडे न आये।
अपनी बात पे ठाण लगाये।
दुल्हा कहे सुने जमाना।
कुछ भी कहले मेरा जमाना।
#दूल्हा