# forget
भूल जाएँ दर्द सारे ,याद रखें शुभ क्षणों को
क्षोभ सारे भूल जाएँ ,स्नेह-पल में भीग जाएँ
और मन की बाँसुरी को होंठ पर रखकर बजालें
आँख में भर दें सुहाने स्वप्न जो खोए हुए हैं
एक क़तरा सी मुहब्बत जी में भर देती उजाले
पूर्ण हों सबके ही सपने ,मुट्ठियाँ गर बाँध लें तो