पुस्तकों का बंटवारा
श्री शर्मा को गुजरे आज पूरे बीस दिन हो चुके हैं।उनके दोनों बेटे और बहू हर चीज का बंटवारा कर चुके हैं।बस साझा संपत्ति में अब मि. शर्मा की बहुत ही बड़ा पुस्तक भंडार बाकी है।
जाने के पहले दोनों बेटों ने फैसला किया कि श्रीमती शर्मा घर में अकेले नहीं रह पाएंगी,इसलिए छह-छह महीने दोनों बेटों के साथ रहेंगी।इसके बाद दोनों ने पुस्तकों के दो हिस्से कर बेचने का फैसला कर लिया।अब श्रीमती शर्मा बोली,'बेटा, तेरे पापा इन पुस्तकों को किसी पुस्तकालय में देना चाहते थे।'
बेटों ने कहा,'माँ, इतनी सारी पुस्तकें हैं,पुस्तकालय में देकर क्या फायदा ? अब सारी संपत्ति और माँ के बाद पुस्तकों का बंटवारा हो रहा था।