भुल हो जाए तो उसे सुधारना चाहिए | घर परिवार वालों को बदल कर दिखाना चाहिए | वोही असली हिम्मत, खुशी, भरोसा जीत कर परीवार के साथ हंसी-खुशी रहेने का मौका देता है |
कोई आके करेगा | दुसरा कोई सुधारेगा | दुसरो पर निर्भर क्युं ?गलती कीसकी ? तो सुधारें कोई और ऐसा कभी देखा है क्या ?
तो फिर किसीका इन्तजार करते रहेना है और दुःखी होना है सेहना है या फिर खुद ही कुछ करना है ? फैसला खुद का ...ॐD