मिल जाते हैं कुछ नये रास्ते
इस तरह की बिछड़े हुए कल से कोई नाता नहीं
हो जाते है अपने कुछ इस तरह से अजनबी कि
जैसे लगने लगते है कोई रिश्ता नहीं है उनसे
कई बार ऐसा होता है जिंदगी के साथ
की मिली हो जिंदगी जैसे पहली बार Bindu A.
लाख जतन करे कोई बिछड़ते हुए रिश्तो का
पर अक्सर टूट ही जाते हैं
वह न जाने कौन सी घड़ी होगी
वह सुकून की जहां सांस लेना भी महसूस होगा
क्यों होता है यह अक्सर जिंदगी के साथ
अपने ही धोखा दे जाते हैं बार-बार
होता नहीं कोई रिश्ता
होता तो नहीं कोई अपना
ऐ जिंदगी ऐसा क्यों होता है......