यार करते थे उनसे एतबार
नही किया क्यूँकि उसको कमजोरी
पता ना चले,
दर्द छुपाया हमने उनसे क्यूँकि
उसको दर्द महसूस ना हो,
नमी थी आँख फिर आशु नही गिरने
दिया उसकी आँख का मोती गिर ना पाए,
रह नही सकते थे उसके बिना फिर भी
बातें नही किया करते थे उसको आदत
का पता ना चल जाए,
~प्रक्रुती की ख़ुश्बू