one of my favorite gazal♥️😍
दौलत के नशे में जो यहां चुर हो गए ।
वो लोग मंज़िलो से बहुत दूर हो गए ।
दुनिया हमारे नाम को पहचानती नहीं
हम तो तुम्हारे नाम से मशहूर हो गए ।
कल शाम तेरी यादों की ऐसी हवा चली,
जितने भी गम करीब थे, सब दूर हो गए ।
ये क्या हुआ कि चेहरे का मंज़र बदल गया
जितने भी थे चराग, वों सब बे नुर हो गए ।
मुश्किल बहुत था,यू तो बगावत का फैसला
लेकिन तुम्हारे प्यार में मजबुर हो गए ।
दिन रात हम किसिके तसव्वुर में खोए है ।
दुनिया समझ रही है, की मगरूर हो गए ।
लो आज जंग हमने मोहब्बत की जीत ली
हम उनको और महिन में मंज़ूर हो गए ।
शबा बलरामपुरी
तवस्सुर..(खयाल)...महिन ( बारीकी)