*🌻📿🌻📿🌻 अघासुर उद्धार*
*श्री कृष्ण लीला सम्पूर्ण क्रमश (099)*
*चारूर--- कोई और है, बताओ कोई और है,,,,*
*हां,,, एक है ?* *कौन ?,,,, आघासुर,,,,,,*
*बुलाओ उसे ,,,,अघासुर,,,, अघासुर,,,, कंस आवाज लगा रहा है,,,*
*अघासुर आया,,, अघासुर बदला लेने की बात करता है,,, मेरा शरीर कई गुना विशाल है महाराज,,, मुझे किसी की आवश्यकता नहीं, मैं अकेला ही बहुत हूं,,,,,*
*और आधासुर वहां पहुंच जाता है,,,, बालक लोग कह रहे हैं,,, हाथी घोड़ा पालकी,,,, जय कन्हैया लाल की,,,,*
*ऐसी गुफा कभी नहीं देखी, सब उस गुफा समझकर उस में घुस जाते हैं,,, भगवान ने जान लिया कि यह असुर है,,,, अघासुर ने अजगर का बहुत बड़ा रूप धारण किया हुआ है,,, सब ग्वाल बाल उसके मुख में चले गए,,, भगवान ने उसके अंदर जाकर उसके पेट के,,, भीतर से अपना रूप बढ़ाया और उसको चीर करके मार दिया ,,,,उसका जबड़ा चीर दिया,,,, शंख ध्वनि हो रही है,,,,*
क्रमश ✍✍
#सार