पूछना है आज के विकसित होते मानव से ये सवाल,
विकास को खोजते हुए विनाश के मार्ग पर जो चल रहा है,
मानव धरा पर खुशहाली लायेगा या फिर बनेगा इसका काल।
पूछना है आज के सभ्य शिक्षित मानव से ये प्रश्न,
युंही संसाधनो को मिटाता रहा तो ना रहेगी प्रकृति
ना रहेगा स्वयं,जीत का फिर कैसे मनायेगा जश्न।
Aromatic Saurabh
#पूछना