मै हूं शून्य, आगे जिसके लगता -
कर देता दस गुणा उसका मूल्य
आरंभ गिनती की होती मुझसे
बिन मेरे उत्पन्न होता अनंत कैसे
मेरे बिना ना होती दशमलव की शुरुवात
ना होता द्विआधारी (Binary) पद्धति का विकास
बताओ फिर कैसे करते गणनाएं
और सुलझाते कैसे समस्याएं
मै महत्वहीन सा कोई महत्त्व ना
पर गणित में मेरे जैसा कोई ना
#शून्य