झुठ बोलू तेरी कसम
विश्व तु मेरा वो सनम
तुझमें देखूँ वो नजारा
प्यारभरा समा सुहाना
और कुछ काम नहीं।
बुनू सपना लेकीन वही।
कैसे कहे दूँँ चरणों में
स्वर्ग है।
तु ही प्यार है और दर्द है।
झुठी आनबान तेरी
झुठी से भरी कविता तेरी।
अब न कुछ मैं सहुँगी।
आज की नारी चुप न रहुँगी।
#विश्व