भुलकर सभ्यता इन्सानियत ही खो दि हमने
पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी छोड दि हमने
ऐसे तो कई पहिमयुग देखे है इस धरती ने
और कई बार नई शुरुवात की है
हम जंगली आज भी ना समझे
तो याद रखो ऐ नादानो अब अगर नष्ट हुआ संसार
फिर ना कोई इन्सान होगा ना ही उसकी दास्तान...
#जंगली