जंगली ...
सभी कहते हैं कि
वो जंगली हो गया है
हिंसक हो गया है
बात बेबात भड़क जाता है
चिल्लाता , शोर मचाता है
गुर्राता है, सबको मारता है
इसलिए उसे पकड़ कर
क़ैद कर लिया है
जकड़ लिया है बेड़ियों में
बांधने के लिए, रोकने के लिए
उसके जंगलीपने को
पर ..
हम सभी के भीतर भी तो
एक जंगल है
जहां कितने ही विषैले विचार
विचरते हैं बेरोकटोक
और अपने अदृश्य खंजरों से
कितनी ही आशाओं का
कत्ल कर देते हैं
कोई नहीं रोक पाता इन्हें
कोई ज़ेल नहीं बनी
इन्हें कैद करने को
ये जंगली घूमते रहते हैं
बेख़ौफ़ हो
भीतर के जंगल में
और करते रहते हैं आहत
कितने ही जज़्बात
#जंगली