ईमान पालतू है, बेईमान जंगली है !
नींद गाँव की है, दीवान जंगली है !
उसूल खोखले हैं, जंगल से हो गये हैं..
दिखावटी समाज की तो शान जंगली है !
दरबार के शहर में दरबान जंगली है !!
है ऐसा दौर जिसमें गुमनाम जंगली है !!
ये वक़्त का तराज़ू भी बिक गया है शायद !!
नफ़रत में है सियासत, मुस्कान जंगली है !!
पिंजरा हुआ है जीवन, आसमान जंगली है !!
इंसानियत है कब्र, शमशान जंगली है !!
जितना भी देखता हूँ...संसार का ये जंगल !!
पालतू है जानवर, इंसान जंगली है !!
#जंगली