#मूल्य
इन दिल की दीवारों में इस तरह दरार पड़ जायेगी, हमे अंदाजा नहीं था।
एहसानों को भुलाकर ऐसे बेगाने हो जाओगे,हमे अंदाजा नहीं था।
हमे अंदाजा नहीं था कि किसी दिन तुमसे मिल कर ये दिल बेरुख हो जायेगा।
रिश्ते मकान की दहलीज पर पहुच जाएंगे, हमे अंदाजा नही था ।।
- आजाद