गब्बर : - अरे ओ सांभा कितने आदमी थे?
सांभा : - अकेला ही था
गब्बर : - और तुम
सांभा : - सरदार, हम 10 थे
गब्बर : - वो अकेला और तुम 10 फिर भी मार खाकर आ गए
सांभा : - वो सब से अलग था
गब्बर : - मुझे उसकी पहचान बताओ
सांभा :- सरदार उसके गले में रूद्राक्ष की माला, माथे पर तिलक और धोती कुर्ता पहने हुए था
गब्बर :- ओ तेरी कि,
तुमने मेरा नाम तो नहीं बताया होगा ना
सांभा :- नहीं सरदार, मगर आप इतना चौंक क्यूँ गए
गब्बर :- अरे यहाँ से जल्दी भागो सालो ..😳
सांभा :- मगर क्यूँ सरदार
गब्बर :- अरे भागो .. तुमने ब्राह्मण को छेड़ दिया है
सांभा :- मगर *ब्राह्मण* क्या होते हैं
गब्बर :-
अरे *ब्राह्मण* कोई कौम नहीं है और ना ही कोई यूनियन।
*ब्राह्मण* खुद एक काल है , वेद है , शास्त्र है , समय है और एक अमिट अपार शक्ति है .. शिवजी के अंश से पैदा हुई उर्जा का अंश है ब्राह्मण ..
सांभा :- सरदार वो शुरूआत में तो हाथ जोड़ रहा था मगर जब हमने जबरदस्ती लूटने की कोशिश कि तो उसने हमारा ये हाल कर दिया ..
वो शक्ल से बहुत ही शांत और साधारण लग रहा था
गब्बर :- अरे क्रांति हमेशा वो ही लाते हैं जो शांति प्रिय होते हैं..
यूँ धूल तो झूंड भी उठाते हैं
😳😳😳😳😳
ये वो मानव जाति है जो युद्ध में चलते हुए रथ का पहिया बदल देते हैं ..
इनके पास जन्म से ही अस्त्र शस्त्र ज्ञान का योग होता है जो पृथ्वी पर और किसी भी मानव जाति में नहीं होता..
इनके बिना तो देवालय भी अशुद्ध माने जाते हैं ..
इनके अंदर त्रिदेव शक्ति विद्यमान है ..
1. ब्रह्मा जी का ब्रह्म ज्ञान
2. विष्णु जी का स्तुतीकरण
3. शिव जी का अमिट प्रभान
देवों का भी सबसेप्रिय मानव *ब्राह्मण* ही है
क्योंकि ये हर क्षेत्र में निपुण हैं;
वो चाहे अस्त्र शस्त्र हो,
काल वैदिक शास्त्र हो
या भौतिक जगत ज्ञान हो
इस पृथ्वी पर वर्तमान में 42 करोड़ 43 लाख *ब्राह्मण* हैं;
अगर पृथ्वी के एक कोने पर मिलकर खड़े हो गए तो पृथ्वी को एक तरफ झुका सकते हैं ...
सबसे ज्यादा *ब्राह्मण* की जनसंख्या वाला देश ....
हिन्दुस्तान,
4 करोड़ 68 लाख
सबसे ज्यादा प्रतिशत *ब्राह्मण* जनसंख्या वाला राज्य ..राजस्थान ,
50% *ब्राह्मण* हैं
ब्राह्मण के देश;
हिन्दुस्तान , नेपाल , श्री लंका , भूटान , तिब्बत , मयंमार , चीन , अफगानिस्तान , तुर्किस्तान
और
*ब्राह्मण* के संस्कार सबसे अहम हैं,
*ब्राह्मण* की शक्ति सबसे अमिट है,
*ब्राह्मण* का सम्मान सबसे बड़ा सम्मान है
*ब्राह्मण* ना राज के भूखे हैं,
*ब्राह्मण* ना ताज के भूखे हैं,
*ब्राह्मण* एक अमिट शक्ति है,
*ब्राह्मण* सम्मान और संस्कार के भूखे होते हैं
विश्व *ब्राह्मण* मंच
हर हर महादेव,
जय *ब्राह्मण* संस्कार,
*जय* *ब्राह्मण* ,
जय हिन्दुत्व राज
अगर *ब्राह्मण* का अपमान किया तो समझ लो देवों का अपमान किया,
अगर *ब्राह्मणों* को खुश रखोगे तो देव भी खुश रहेंगे।
हर हर महादेव।।