कल मेरे रब ने मेरे पास फ़रिश्ता भेजा , उसने कहा ऐ जाने मेरे रब तू रो क्यो रहा है???
हमने भी कहा नादान तुजे कभी इश्क़ हुवा है???
वो बोला मेरे महबूब मुजे इश्क़ नही हुवा,
बस करले किसीसे इश्क़ रोना तो क्या मरने के ख्याल भी आते है,
फ़रिश्ता वापिस गया फिर आया
बोला मेरे मालिक रब को देखा तो वो भी रो रहे थे इस्का मतलव भी इश्क़ ही है??
हा मेरे शेर फरिश्ते रब भी रोता हो इश्क़ में तो में क्या चीज़ हु?