मिलन
लगता है मिलान
आज भी अधूरा सा
बातें है अनकही
यादें है अनसुलझी
रुत भी बदली
मौसम भी बदला
वक़्त ने बदला नज़ारा
करवटे ली ज़िन्दगी ने
बांधा कुछ समाः ऐसा
पर मिलन रहा आज भी अधूरा सा
केहती है साँसें मेरी
बुलाती है राहें तेरी
बातें अब होगी पूरी
यादें भी रहेगी सुलझी
बनके अफसाना इस जहां में
मिलेंगे हम उस मंज़र पे
न होगी शिकायतें कभी
रहेगी बस दुआएं सभी
मिला है तेरा साथ कुछ ऐसा
लगता है मिलन हुआ है पूरा
- कुमार