जप तप की अनगिन कड़ियाँ ,
छठ नवरात्र रामजनम की घड़ियॉं ,
तन मन में ख़ुशियों की लड़ियाँ ,
विपदा बीच भगवान खड़े हैं,
भक्त गण शक्तिमान बने हैं,
पूजा पाठ और ईश आराधना,
मंत्र श्लोक के कवच जड़े हैं।
भारत भू पर आकर वो दुष्ट,
लक्ष्मण रेखा के पार खड़े हैं।
माँ दुर्गा और सूर्य शक्ति से,
राम हनु की संयुक्त भक्ति से,
भयमुक्त इंसान डटे हैं,
राम रहीम नानक ईशु के,
एकजुट संतान तने हैं ,
घर में सुरक्षित अनमोल ज़िन्दगियाँ ,
छठ नवरात्र रामजनम की घड़ियाँ ।
मुक्तेश्वर सिंह मुकेश