आज शब्दो का चित्र बनाया मैने भावनाओं का रंग भरके.
शकल थी मुरझायी सी ,साथ ही निष्तेज भी .
मैने हाल पूछा तो रोने लगा आँसूओ से ,कागज भिगोने
लगा. मैने पूछा बात तो बताओ ,अपने आसुँओ का कारण
समझाओ, उसने कहा - तुम्हे क्या पता हर जगह है मेरा
मान घटा ,पहले मुझसे तस्वीरे बन जाती थी आज
तस्वीरो से बना . नही फुरसत किसी को मुझमे झाँके
मुझमे समाहित भावों को आँके ....
#चित्र