*प्रातः वंदन* 🙏🏽
*सब के दिलों का*
*एहसास अलग होता है*
*इस दुनिया में सब का*
*व्यवहार अलग होता है*
*आँखें तो सब की*
*एक जैसी ही होती है*
*पर सब का देखने का*
*अंदाज़ अलग होता है*
*यार से ऐसी, यारी रख*
*दुःख में, भागीदारी रख*
*चाहे लोग, कहे कुछ भी,*
*तू तो अपनी, जिम्मेदारी रख*
*वक्त पड़े, काम आने का,*
*पहले अपनी, बारी रख*
*मुसीबते तो, आएगी ही,*
*पूरी सब, तैयारी रख*
*कामयाबी, मिले ना मिले,*
*जंग हौंसलों की, जारी रख*
*बोझ लगेंगे, सब हल्के,*
*मन को मत, भारी रख*
*मन जीता तो, जग जीता,*
*कायम अपनी, खुद्दारी रख*
🌺 *सुप्रभात* 🌺