सावन की पहली फुहार में
मन मौजी बन बारिश में
आसमान के नीचे भीगना
और बगिया में भाग जाना
कुछ गिरे आमों को चुनना
कुछ को पत्थर मार गिराना
चुन्नी में झट उन्हें बाँध कर
वापस घर लौट के आना
कितना अच्छा लगता था
कुछ पल यूँ ही जीवन में
यादृक्छिक बन कर जीना
#यादृच्छिक