मैं थी मस्त मलंग
जैसे कोई कटी पतंग
फिर मुझे यकीन था
मेरी ज़िंदगी में कोई आएगा
मेरे दिल का दिया जलाएगा
तुम भी थे मनमौजी यादृक्छित
तुमसे मिलना भी था अनपेक्षित
फिर हम दोनों हुए थे आकर्षित
रोम रोम हुए थे दोनों के हर्षित
हमें मिला हमसफ़र यादृक्छित
#यादृच्छिक
Chalte Chalte non of bites on random are meant for competition