"वोह रिश्ता होता है"
न लहू से लहू का मेल हो फिरभी,
एक दूजे के वास्ते तत पर रहे,वोह रिश्ता होता है।
आप और हम पहले नजरसे मिले फिर बातो से,
गर बातो बातो में विश्वाश बंध जाए,वोह रिश्ता होता है।
एक ही कुंखसे दो बाल जन्मे,दोनो ही सोचमे परे,
फिरभी एक को लगे चोट और दूसरा रोए,वोह रिश्ता होता है।
न मैंने ईश्वरको देखा, न उसकी बनावट समजा,
फिरभी मन महसूस करे,वोह रिश्ता होता है।
#रिश्ता