मैं अपनी वृद्धावस्था कभी देखना नहीं चाहूंगा!.. इतना लाचार होकर कोई कैसे जीवन व्यतीत करना चाहेगा, जहां हर पल आपको अपनी मृत्यु की प्रतीक्षा करनी पड़े, न जाने कब कहां, किस रूप में वो आपको गले लगा ले, हर कार्य के लिए संघर्ष करना पड़े, यहां तक की सांस लेने के लिए भी...!!!