पैदा होते ही चेहरा पहचानने को
कहा जाता है । माँ बाप बहन भाई
और यहाँ तक कि निराकार ईश्वर
का भी चेहरा दिखाया जाता है ।
बस इसी अन्धी दौड़ में हम भूल
जाते हैं । ये सब चेहरों को हमे
परखने की जरूरत नही है ।
वह सब अपने हैं और अगर
बदल भी गए तो भी अपने रहेंगे ।
मगर बाकि सब के लिए तो
चेहरा रास्ता है दिल तक पहुँचने का
रास्ता अच्छा है इसका ये मतलब
नहीं कि मंजिल भी उतनी अच्छी होगी ।
ये जरूरी नहीं कि जो मंजिल अच्छी हो
तो उसका रास्ता सुहावना ही होगा ।
जबकि ज्यादातर अच्छी मंजिल का
रास्ता उबड़-खाबड़ ही होता है ।
इसीलिए तो कहते हैं ।
धोखा उन्ही को मिलता है
जो चेहरे से दिल परखते हैं
ये सोच कर कि चेहरा
होता है दिल का आईना
#चेहरा