धर्म का क्यों मजाक उड़ाते हो.. क्या है हमारा धर्म, यह तुम हमें सिखाते हो... खुद तो जानते नहीं धर्म के विषय में... फिर क्यों धर्म की बातें बनाते हो... धर्म कहता है कि बदी से दूर रह... नेक कर्म कर.. मानवता को समझ.. इंसानियत को अहमियत दें.. जाति के नाम पर दंगे फसाद मत कर.. धर्म का काम है दूसरे को जीना सिखा ना... ना कि दूसरे को बर्बाद और तबाह करना...
ब्रह्मदत्त त्यागी
हम एक ऐसे युग मेजी रहे हैं
जंहा धर्म के नाम पर सब मरने
___ मारने को तैयार है, लेकिन
धर्म के रास्ते पर चलने को कोई
तैयार नही है।
ब्रह्मदत त्यागी हापुड़