*कश्तिया बच जातीं हैं*
*तूफान में,*
*पर*
*हस्तियां डूब जातीं हैं*
*अभिमान में.....*
*बाहर रिश्तों का "मेला" है..भीतर हर शख्स "अकेला" है..*
*यही जिंदगी का "झमेला" है..!!*
🥁
*लाख दलदल हो,*
*पाँव जमाए रखिये;*
*हाथ खाली ही सही,*
*ऊपर उठाये रखिये;*
*कौन कहता है छलनी में,*
*पानी रुक नहीं सकता;*
*बर्फ बनने तक,*
*हौसला बनाये रखिये।*
🥁
*सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ ..!*
*" वो जिन्दगी ही क्या जो छाँव छाँव चली ........."*
🐒🌹जय सियाराम जी🌹🌹