*प्रातः वंदन* 🙏🏽
*कहते है कि,,,, जलो वहाँ*
*जहाँ जरूरत हो "उजालों" में*
*"चिरागों" के मायने नहीं होते*
*"प्रेम" या "सम्मान" का भाव सिर्फ*
*उन्हीं के प्रति रखिए जो आपके*
*"मन" की भावनाओं को समझते हों*
*समय सिर्फ उसे दीजिये जिसे*
*आपकी जरूरत हो*
*ओर हँसिये उन्ही के साथ जो*
*आपकी हँसी से खुश हो*
*अन्यथा आपकी गिनती*
*विदूषक या मुफ़लिस में हो सकती है*
🌸 *सुप्रभात* 🌸