My New Poem...!!!
इस गुज़रते पल का मर्तबा कोई क्या जानें
पल में जहाँ से कितनी उड़ान ✈️ क्या जानें
कितनी ट्रेन 🚞 सिग्नल पा चलीं क्या जानें
कितने हादसे रोड़ पर जानें लिए क्या जानें
कुल कितने बीमार दर्द से तड़पते क्या जानें
कितने नये जन्म जहाँ में आने है क्या जानें
कितने दियों की लो बुझेगी कोई क्या जानें
कितने जिस्म भी नोचे जा रहे होंगे क्या जानें
कितने ग़रीब भूखें-प्यासे तड़पे है क्या जानें
कितने ज़ालिम जुर्मों-सितम किए क्या जानें
कितने क़ैदियोंकी रिहाई हूई कोई क्या जानें
कितने मासुम बेगुनाहको सज़ा दी क्या जानें
ग़रज़ कि गुजरते इस पलमें प्रभु ने क्या क्या
इन्तज़ाम जहाँको चलाने को किए क्या जानें
✍️🌴🌹🌺🌲🖊🖊🌲🌺🌹✍️