इस दिल ने जब भी रब के सामने हाथ फैलाया है ,
तेरे लिए ही दुआओं का समुंदर मांगा है।
हर दुआ में तेरा ही आसरा मांगा है ,
तू मेरे साथ खड़ा रहे और कुछ नहीं मांगा है ।
तेरी झोली खुशियों से भरी रहे बस यही दुआ में मांगा है ,
तेरी खुशियों से मेरी खुशी झलकती रहे ,बस यही मांगा है ।
हर दुआ में तेरा ही नाम दिल से निकलता है ,
मेरा क्या है यह मांग सिंदूरी रहे बस यही दुआ में मांगा है ।