छुट्टी का दिन ??
(पुरुष भाइयों के लिए विशेष रचना)
छुट्टी का दिन आया है,
थोड़ा आराम पाया हैं
पर मेरी बीवी ने मुझको,
काम पर लगाया है
बोली सन्डे का हैँ दिन
काम रहेगा मुझे पूरे दिन
आज तो थोड़ी सफाई करा दो,
दाल में थोड़ा तड़का लगा दो
वरना सिविगी से मंगवा दो
आराम करेगें दोनों मिल ?
इतने में बच्चे आते हैं
बड़ा आतंक मचाते हैं
बोले पापा बाहर ले जाओ
सन्डे हैं कही सैर कराओ
वाटरपार्क चले हम मिल कर
धूम मचायेंगे हम मिल कर
ऎसे बीता सन्डे का भी दिन
आराम नहीं एक भी दिन
पर खुशियां अपार मिली हीप्पी होगई पूरी फैमिली ??
उमा वैष्णव
मौलिक और स्वरचित