कोई मंजिल नहीं दिखाई दे रही,,
लगता है कि हम रास्ते पे बस चले ही जा रही।
मोहब्बत कि राह कहाँ तक ले जा रही तू।
नही राहबर साथ तू अकेली ही चली जा रही।
अकेले चलाना मुश्किल तो होंगा।
पर रास्ता कठिन भी होगा
सब अकेले ही सह ना होगा।
गर जो भी होगा मेरे खुदा कि रजा से होगा।