न जिओ सिर्फ अपने लिए
जी लो कुछ जमाने के लिये
इस माटी ने जो सांसे दी
कुछ उसका भार चुका दो तुम
जो पहचान बनाई इस समाज ने
उसका कर्ज चुका दो तुम
अपने परिवार का न सोचो तुम
सबको अपना बना लो तुम
जो हंसी और खुशी दी मित्रों ने
उनके भी कर्जदार हो तुम
उनका भी साथ निभाना हैं
न जिओ सिर्फ अपने लिए
जी लो कुछ जमाने के लिए