जिसके भरोसे उतरे थे बीच मझधार मे ।
वो नाव ही अगर डूब जाये तो क्या करे !!
लोग युही सागर को बदनाम करते हैं ।
अगर तूफान ही कश्ती डूबो जाये ।
तो इसमे सागर की क्या खता है !!
एक दूसरे के साथ मिलकर कभी
चुराते थे आम,अमरूद और बैर ।
खाते थे एक थाली में बनकर हमनीवाला ।
वही जब दूर जाने लगे तो क्या करे!
लोग युही दोस्ती को बदनाम करते हैं ।
अगर दोस्त ही पराये हो जाये ।
तो इसमे दोस्ती की क्या खता है !!
जिस सनम के दिदार के लिए
भागते थे मीलो तक नंगे पाँव ।
एक दूसरे की आंखोमे देखकर
खाते थे कस्मे साथ निभाने की ।
वही जब नजरें चूराने लगे तो क्या करे !
लोग युही प्यार को बदनाम करते हैं ।
अगर प्रेमी बेवफा निकले तो
इसमे प्यार की क्या खता है !!
भागते हैं जिंदगीभर मौत से
मगर किस्मत के आगे कुछ भी नहीं ।
कब कीसी मोड़ पर टकरा जाये
मौत सवाल बनकर तो क्या करे ।
लोग युही मौत को बदनाम करते हैं ।
अगर जिंदगी साथ छोड़ दे तो
इसमे मौत की क्या खता है !!
♡ तमन्ना ♡