ए हवाओं,
तुम मेरी वेदनाओं को समझो।
तनिक रोको वेग को,
संदेशा सुनने दो।
सुनने दो कैसा हाल है उनका,
क्या वो अभी भी मुझे,
अपनी यादों में बसाएं हैं।
क्या उनका हृदय आज भी,
धड़कता है मेरे लिए।
क्या मेरी वेदनाएं स्पर्श,
कर लेती है आज भी।
क्या मेरी तरह व्याप्त है,
वो भी
प्रेम के विस्तृत आकाश में,
जहाँ वो,
भावों के सहारे मुझे मिलते है।
मैं चाहता हूँ सुनना,
अपना नाम
उनके भेजे सन्देश में।
या आखिरी सन्देश है,
उन्हें भूल जाने का,
ओ हवाओ मत उड़ाओ,
गरजते बादलों को।
उन्हें कहना है सन्देश,
प्रियतम का, कहने_दो