मुगालता -ए- दशहरा
रात के 2 बजे थे, मोबाइल पर आए sms ने नींद में खलल डाल दिया हम ने उसनिंदे पन में ही आए हुए sms पर नज़रे डाली तो हमारी नींद ही उड़ गयी भाई येतो कोई बात नहीं हुई कि इतनी रात गए किसी की नींद में खलल पैदा कर दी जाए... ये सब को पता हैं कि कल बुराई पर अच्छी की जीत का दिन हैं.... सब राम चरित्र का ढोग करके लाखों रुपए खर्चा करके झूठ मूठ के रावण को जला देंगे.... पर आज के इस दौर में अपने अंदर के रावण को जला सकने की हिम्मत किसी में नहीं हैं... यहां कहावत बिलकुल सही चरित्रार्थ होती है चोर चोर मोसेरे भाई कौन किसके रावण को उजागर करेगा सब तो तमाशा धारी हैं....समाज में दुनियां में कुछ भी हो तमाशा देखेंगे पर कर कुछ नहीं पाएंगे ज्यादा से ज्यादा अपने मोबाइल से वीडियो बना कर वाइरल कर देंगे.... सोचेंगे फला के साथ बहुत बुरा हुआ... और फिर किसी फ़िल्मी किरदार को ज़ेहन में रख कर सपना देखते -देखते सो जाएंगे....
सुबह के चार बजने को थे नींद बहुत आ रही थी चलो भाई कल बहुत काम भी हैं थोड़ा सो लें कल रावण जो जलाना हैं....
आज नजाने कितने रावण रावण को जलाएंगे भी और जलता हुआ देखेंगे भी....
कल फिर कही ना कही रावण अपनी करतूत करेगा और अखबारों की सुर्खिया बटोरेगा...
इस रावण राज्य में कौन राम बनेगा....?
जो रावण जला रहें हैं वो खुद कही ना कही से रावण को दवा कर स्वांग रच रहें हैं...
हर रावण राम के किरदार में पुतला जला रहा हैं...
किसी को ठेस लगे तो अपने अंदर के राम को उजागर करके मिलना.. क्योंकि मेरे अंदर भी कहीं ना कही रावण हैं जो उसूलों की बात पर प्रकट हो जाता हैं...