मशवरा दिल से कर लिया होता।
तो जहर गम का ना पिया होता।
अगर जाम ए इश्क़ न पिया होता,
तो जिंदगी न और मैं जिया होता।
तेरी गली में आकर यह जाना हमने,
इश्क क्या है ना हमको पता होता।
दर्द ए दिल क्या है तुम जान भी जाते,
दर्द ए इश्क़ गर तुम ने लिया होता
दुनिया की हर शय से प्यार करता मैं,
मेरा सनम ना मुझसे खफ़ा होता।
रोक लिया शायरी ने तुमको फईम,
वरना इश्क में बहुत ही बुरा होता।