हर एक गम को मुसकराहट में छिपा लेता हूं मै,
ओर होता हूं जब कभी भी मुशकिल में ,
तो मुस्कुरा लेता हूं मै.
ये ही तो जिन्दगी को जीने का अनदाज है मेरा,
तभी तो हर किसी को अपना बना लेता हू मै.
काश की मेरी भी जिन्दगी किसी के काम आ जाए .
और इसी उम्मीद मे कि कब जिन्दगी की आखिरी
शाम आ जाए,
हर एक लम्हें कोे खुशी से जीता और मुस्कुरा लेता हूं मै.
हर एक गम को मुसकराहट में छिपा लेता हूं मै,
जब भी कभी मुशकिल में होता हूं तो मुस्कुरा लेता हूं
मैं........