इन होठों पे एक बात है ….पर उसके कुछ लफ्ज़अब भी किसी के पास हैं….ख्वाहिशों की डोर में बँधे हुएकुछ लफ्ज़ जो मेरे पास है…लफ्ज़ जो किसी के ख़यालों में खोए हैं …लफ्ज़ जो किसी के आँखों के खाब मेंसदियों से सोए नहीं है ….मेरे लफ़ज़ो का एहसास उनको भी है….समय की देहलीज़ पे ये राज़मेरे साथ- साथ अब उनका भी है ...