( थोड़ासा वक़्त निकाल के एक बार ज़रूर पढ़लेना यार)
यार वो भी क्या दिन हुआ करते थे ना
जब पैसे नहीं हुआ करते थे
लेकिन फ्रेंडशिप बेल्ट के लिए पैसे जमा किया करते थे
एक दिन पहेले ही बेल्ट ला दिया करते थे
कल किसको कोनसा बेल्ट पहनाएंगे
हमे जो अच्छा पहनाएंगे उसको अच्छा बेल्ट देंगे
किसके हाथ में ज़्यादा बेल्ट आए हैं
वो हमारे पसंद वाले टीचर को बेल्ट पहेना ना
वो प्यार भरे वादे और किस्सासे
आज पैसे हैं बेल्ट हैं सब कुछ हैं
बस यार वो कमिने दोस्त नहीं रहे
खो गए हैं कहीं सोशियल लाईफ के ज़माने मैं
कॉल करने का तो दूर आज तो लोगो के पास
कॉल उठाने का भी टाइम नहीं रहा
कुछ को नए दोस्त मिल गए
कुछ पुराने को भुल गए
लेकिन हम....
लेकिन हम तो यार आज भी उनकी याद में
इतजार करते रह गए...
❤️JK❤️