ख्वाबों में भी धुँधला सी गई हैं ये जिन्दगी
इंतज़ार ही इंतज़ार बन गई हैं ये जिन्दगी
राहो पर बिछाये पलकें इंतज़ार की घड़ियाँ गिन रही है जिन्दगी
एक एक दिन ब दिन साँसों की उम्र काट रही है जिंदगी
जाने कब होगा खत्म सफ़र ए इंतज़ार
बे इन्तहा मोहब्बत छल रही है जिंदगी
- Rj krishna